LPG की कमी और पेट्रोल की कीमतें: मौजूदा युद्धों का भारत पर असर वैश्विक ऊर्जा संकट की छाया आज की दुनिया में, जब रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल के बीच युद्ध चल रहे हैं, भारत का ऊर्जा क्षेत्र संकट में है। भारत के लगभग 90% कच्चे तेल की जरूरत, 60-65% LPG की मांग और 60% LNG आयात का बड़ा हिस्सा वेस्ट एशिया से आता है। ये सभी शिपमेंट्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते हैं, जो आज के युद्धों के कारण बंद होने के कगार पर है। LPG संकट: भारत की सबसे बड़ी चुनौती क्यों LPG सबसे कमजोर कड़ियाँ रणनीतिक भंडार का अभाव : भारत के पास कोई सार्थक LPG भंडार नहीं है, और वर्तमान स्टॉक केवल 2-3 हफ्ते की मांग पूरी कर सकते हैं। आयात पर भारी निर्भरता : भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है, और लगभग 80-85% LPG सेवन आयात से होता है। सीमित विकल्प : अधिकांश LPG खाड़ी देशों (कतर, सऊदी अरब, UAE, कुवैत) से आता है, और लगभग सभी शिपमेंट्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते हैं। कीमतों पर प्रभाव LPG की कीमतों में हर $10 की बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर भारी असर पड़ सकता है। सरकार ईंधन पर टैक्स घटाकर कीमतों को नियंत्रित कर...