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जीडीपी(GDP) और महंगाई के आधार वर्ष में बदलाव

  सरकार ने बजट 2026 के बाद सूचित किया है कि आर्थिक आँकड़ों में अधिक प्रासंगिकता लाने के लिए जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार वर्ष बदले जाएंगे। अब तक देश की जीडीपी गणना के लिए आधार वर्ष 2011–12 था, जबकि महंगाई नापने के लिए 2012 का आधार अपनाया गया था। नए प्रस्ताव के तहत जीडीपी का आधार वर्ष बदलकर 2022–23 किया जाएगा और CPI का आधार वर्ष 2024 किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब से मुद्रास्फीति और विकास दर की रिपोर्ट इसी नए आधार से की जाएगी, जिससे हाल की खपत और उत्पादन की वास्तविक स्थितियों के अनुरूप आँकड़े तैयार होंगे। इस बदलाव से ऐतिहासिक ग्रोथ दरों और महंगाई दरों की गणना में अंतर आ सकता है, लेकिन इससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति में अचानक बदलाव नहीं आता। मूलतः यह एक मापक परिवर्तन है जो पुरानी नियमावली के मुकाबले नए खर्चों और आर्थिक पैटर्न को प्रतिबिंबित करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे आर्थिक नीतियों के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी, क्योंकि सांख्यिकी अधिक सटीक और अद्यतित होगी। आम जनता के रोजमर्रा के खर्च और दामों पर इस परिवर्तन का कोई असर नहीं होगा, लेकिन सरकारी आँ...

मेघालय में अवैध कोयला खान में विस्फोट, चार की मौत

 मेघालय के पूर्व जैंटिया हिल्स जिले के थांगस्कू गांव में गुरुवार को एक अवैध कोयला खान में विस्फोट हो गया, जिसमें चार मजदूरों की जान चली गई और एक घायल हुआ। पुलिस के अनुसार धमाका खदान के अंदर ही हुआ, जहां मजदूरों ने कोयला निकालने की कोशिश की। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं बचाव दल ने पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया है। ध्यान देने योग्य है कि मेघालय में 2014 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने चूहे जैसे लेवल की “रैट-होल” कोयला खानिंग पर प्रतिबंध लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी बाद में इस प्रतिबंध को पुष्ट किया। फिर भी कई इलाकों में गुप्त रूप से ये अवैध खदान चलती रहती हैं। पुलिस ने बताया कि ध्वनि की जांच में विस्फोट में डायनामाइट के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। खदान मालिकों और स्थानीय स्तर पर भी कोयला उत्खनन की गतिविधियों की रोकथाम को लेकर सवाल उठे हैं। इस घटना से क्षेत्र के रहवासियों में चिंताएं बढ़ गई हैं। असामान्य पर्यावरणीय नुकसान और मानव जीवन को खतरे में डालने वाली इन अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन की कड़ी कार्रवाई क...

2031 एशियन कप की मेजबानी के लिए भारत ने बोली लगाई

 एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) ने घोषणा की है कि भारत ने 2031 में होने वाले एशियाई कप की मेजबानी के लिए बोली लगाने वाले पांच देशों में अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई है। इंडोनेशिया, कुवैत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत भी इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के आयोजन की दौड़ में शामिल हो गया है। यह पहला मौका होगा जब भारत एशियन कप की मेजबानी की कोशिश करेगा। भारतीय फुटबॉल टीम ने हाल के वर्षों में बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिए रुचि दिखाई है, लेकिन अब तक मेगा इवेंट नहीं मिला है। 2023 का एशियन कप कतर में हुआ था, जिसमें भारतीय टीम ग्रुप स्टेज तक पहुँची थी। 2027 का संस्करण सऊदी अरब में होगा। AFC की इस घोषणा से भारत में फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद जगी है कि 2031 में देश में कई बड़े और आधुनिक स्टेडियम तैयार हो सकते हैं। अब एआईएफएफ (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) को फीफा को बिड डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे और समयसीमा के अनुसार तैयारी करनी होगी। अगर भारत को मेजबानी मिलती है तो यह देश में फुटबॉल को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। आगामी समय में इस बिड प्रक्रिया में होने वाले अपडेट्स फुटब...